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अनामिका
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परिचय
जन्म : 17 अगस्त 1961, मुजफ्फरपुर (बिहार) भाषा : हिंदीविधाएँ : उपन्यास, कहानी, कविता, विमर्श
मुख्य कृतियाँ
कविता संग्रह : खुरदरी हथेलियाँ, ग़लत पते की चिट्ठी, दूब-धान, बीजाक्षर, अनुष्टुप, समय के शहर में, कविता में औरत कहानी संग्रह : प्रतिनायक उपन्यास : दस द्वारे का पिंजरा विमर्श : स्त्रीत्व का मानचित्र, मन माँजने की जरूरत, पानी जो पत्थर पीता है
सम्मान
भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, गिरिजा कुमार माथुर पुरस्कार, साहित्यकार सम्मान, केदार सम्मान
संपर्क
डी-2/83, किदवई नगर वेस्ट, नई दिल्ली |
नही तिमिरमय तू

तेरे उर का मै दीप सजन
धरो न यूँ मन में संताप
घुनो न यूँ अपने में आप
किस हेतु यह तेरा प्रलाप
सुनो अंकुर होकर इक बीज
पाता है निज यौवन
तेरे उर का मै दीप सजन
तू है दीपक मै हूँ बाती
तू मेरे संग मै संगाती
जन्मों से मै तेरी थाती
करो तुम बस इतना विश्वास
हम तुम है केवल दर्पन
तेरे उर का मै दीप सजन
विरह की चार घड़ी भर शेष
इक दूरी ये मुआ विदेस
मिटेगा उर में भरा कलेस
खोल दूंगी ये नयन मेरे
जायेगा ही ये तिमिर सघन
तेरे उर का मै दीप सजन

तेरे उर का मै दीप सजन
धरो न यूँ मन में संताप
घुनो न यूँ अपने में आप
किस हेतु यह तेरा प्रलाप
सुनो अंकुर होकर इक बीज
पाता है निज यौवन
तेरे उर का मै दीप सजन
तू है दीपक मै हूँ बाती
तू मेरे संग मै संगाती
जन्मों से मै तेरी थाती
करो तुम बस इतना विश्वास
हम तुम है केवल दर्पन
तेरे उर का मै दीप सजन
विरह की चार घड़ी भर शेष
इक दूरी ये मुआ विदेस
मिटेगा उर में भरा कलेस
खोल दूंगी ये नयन मेरे
जायेगा ही ये तिमिर सघन
तेरे उर का मै दीप सजन
गीतिका 'वेदिका'
